सामूहिक विवाह सम्मेलन में 400 से अधिक जोड़ों का विवाह हुआ संपन्न
मांडव से सोनू यादव
अक्षय तृतीया पावन पर्व पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री स्वयं शामिल हुए। इस आयोजन में लगभग 400 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया।
मुख्यमंत्री का सिमरली में भव्य स्वागत, हेलीपैड से मंच तक गूंजा उत्साह
मुख्यमंत्री का आगमन पूरे क्षेत्र के लिए उत्सव जैसा बन गया। हेलीपैड पर जिला अध्यक्ष चंचल पाटीदार,विधायक कालू सिंह ठाकुर और सरदार सिंह मेड़ा अशोक जाट ,निखिल ग्वाल,सोनू यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
जैसे ही मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे, धर्मपुरी विधानसभा के पांचों मंडलों के मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भव्य स्वागत किया। विशाल फूलमाला पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर आदिवासी अस्मिता और वीरता के प्रतीक टंट्या मामा (जिन्हें बिरसा मुंडा की परंपरा का प्रेरक भी माना जाता है) के चित्र भेंट कर मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया। यह सम्मान क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी गौरव का प्रतीक बना।
विधायक कालू सिंह ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री को माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उनके आगमन को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया। पूरे आयोजन में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिसने कार्यक्रम को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया।परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद
देते हुवे कहा कि यह दिन अत्यंत पावन और शुभ है, क्योंकि आज भगवान भगवान परशुराम की जयंती है, जो पराक्रम और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार जिले के ऐतिहासिक स्थल अमझेरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि भी अत्यंत पवित्र है, जहां भगवान भगवान कृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह की पावन कथा जुड़ी हुई है।
उन्होंने बताया कि वे स्वयं परशुराम जन्मस्थली पर जाकर दर्शन कर आए हैं, और वहां से लौटने में व्यस्तता के बावजूद इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह सामूहिक विवाह योजना समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से विधायक जी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पुत्र पवन और भतीजी किरण का विवाह भी इसी सामूहिक योजना में कर समाज को एक सशक्त संदेश दिया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने स्वयं भी कुछ माह पूर्व अपने पुत्र का विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत किया था, जिससे इस योजना के प्रति उनका विश्वास और प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विधायक के क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की।
विधायक जी ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री जी ने हमारे छोटे से आग्रह को स्वीकार कर आज आदिवासी अंचल में आकर इस आयोजन को गौरवान्वित किया है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति से कार्यक्रम में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी कार्यकर्ताओं और आयोजकों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में शामिल होने की बात कही। साथ ही उन्होंने क्षेत्र के प्रसिद्ध भगोरिया उत्सव की प्रशंसा करते हुए अगली बार इसमें शामिल होने की सहमति भी प्रदान की
यह स्वागत समारोह न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभरा।
कार्यक्रम में अध्यक्ष चंचल पाटीदार,महा मंडलेश्वर मिथिला दास जी महंत जितेंद्र दास जी बैरागी प्रदेश मंत्री जयदीप पटेल जिला प्रभारी राधेश्याम यादव,विनोद शर्मा,सरदार सिंह मेढ़ा ,छतर सिंह दरबार,रंजना बघेल,मुकाम सिंह किराड़े, रेवती रमण राजूखेड़ी,वीरेंद्र बघेल,संतोष राठौर,अनीता शर्मा,महेंद्र महाजन, रविन्द्र परिहार, नगिन सोनी,मोहन पटेल,लोकेश मुकाती, करण काहिर,ममता वर्मा, लोकेंद्र चौधरी,रघु निनामा,प्रशांत शर्मा,कुसुम सोलंकी,निलेश माहेश्वरी,विजय घारू, रामलाल यादव डॉ महेश यादव, पप्पू राठौर,ओमप्रकाश कामदार,संतोष पटेल,राजेंद्र प्रजापत, धन सिंह डोडवे, सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और नेता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के
मुख्यमंत्री ने समारोह में शामिल सभी नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद प्रदान किया तथा उन्हें सप्रेम भेंट देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस भव्य आयोजन में लगभग 20,000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिनके लिए विशाल स्तर पर भोजन व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन ने सामाजिक एकता, परंपरा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल एक सफल आयोजन रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला और जनकल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी सिद्ध हुआ। प्रशासन एवं पुलिस की व्यवस्था चाक चौबंद रही।